Kisan Mela at KVK, Pali on 28 March, 2019

A district level Kisan Mela was organized at Krishi Vigyan Kendra, Pali under Rashtriya Krishi Vikas Yojna (RKVY) for farmers of Pali district to showcase new technology of farm implements for farm mechanization. Dr. O.P. Yadav, Director, CAZRI, Jodhpur was the chief guest of the event. More than 750 farmers from various villages from Pali district participate in the Kisan Mela. Practical session of farm implements was organised for farmers. A farm visit was organised for farmers to different units at KVK, Pali farm i.e. azolla unit, vermicomopst unit, phalsa unit, ber unit, gunda unit, nimbu unit, date palm unit, pomegranate unit, fig unit, fodder crops, drip irrigation system, solar unit, etc. Farmers were also told about effect of Waste Decomposer on different crops at KVK and farmers’ field.

Click to see photogallery

Kishan Mela at Rajora Kalan, Pali on 3 February, 2019

A Kishan Mela ‘Tabar’ at was organized by Indeed Foundation at Rajora Kalan, Pali on 3 February, 2019. Krishi Vigyan Kendra, Pali exhibited it products and technologies. The mela was attended by inhabitants of Rajora Kalan and other surrounding villages. Various cultural programmes and quizzes for school children was also organised. Winners of quizzes were distributed prizes.

click to see Photogallery

किसान दिवस का आयोजन

कृषि विज्ञान केंद्र, पाली पर फसलों नवीनतम किस्मों पर किसान दिवस का आयोजन

कृषि विज्ञान केंद्र, काजरी, पाली पर आज 23 दिसंबर, 2018 को रबी फसलों पर एक दिवसीय किसान दिवस का आयोजन किया गया जिसमे कृषकों को रबी फसलों की उन्नत तकनीक से अवगत कराया गया। इस अवसर पर केविके अध्यक्ष डॉ. धीरज सिंह ने विभिन्न गांवों से आये प्रगतिशील कृषकों को सलाह दी कि खेती में आज के बदलते परिवेश में खेती की छोटी-छोटी तकनीक को अगर खेत में समय पर लागु किया जाये तो लागत को कम करते हुए उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है और छोटी-छोटी तकनीक के मंदिर हैं ऐसे के.वी.के. केंद्र। के.वी.के. के फार्म पर आपको फसलों की उन्नत किस्में देखने को मिलेंगी वही छोटे मसाला वाली फसलों को लाइनों में कैसे बुवाई की जाए तथा इसके क्या फायदे होंगे, देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि यहाँ फार्म पर केंचुआ खाद बनाने का साधारण सरल तरीका देख कर कृषक सीख सकते हैं तो कम पानी व कम मेहनत में अच्छा उत्पादन देने वाली बेर की विभिन्न किस्मों के बगीचे भी देखकर अपनाये जा सकते हैं। डॉ. धीरज सिंह ने कम पानी चाहने वाली फसलों जैसे जीरा, सौंफ, अजवाइन, सरसों, मेथी, चने आदि फसलों में समय पर सिंचाई व पौध संरक्षण अपनाने की सलाह दी। अतः कृषि विज्ञान केंद्र पर आने वाले समय में कम पानी में इन फसलों के प्रदर्शन को देखा जा सकता है।

कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. महेंद्र चैधरी ने कहा कि कृषकों को फसलों की बुवाई सीडड्रिल से करनी चाहिए ताकि खेत में खड़ी फसल में निराई-गुडाई आसानी से की जा सके तथा खेत में आवश्यकतानुसार पौध संख्या रख कर मनचाहा उत्पाद प्राप्त किया जा सकता है। इस अवसर पर किसानों ने केविके फार्म पर सरसों की नवीनतम उन्नत किस्में डी आर एम आर आई जे 31, डी आर एम आर 150-35 तथा सी एस एस आर आई करनाल की लवणीय मिटटी और पानी के लिए नवीनतम सरसों की किस्म सी एस 58 तथा गेहूं की के आर एल 210 फसल की बढ़वार, शाखाएं तथा फुटान आदि को किसानों ने सराहा। किसान दिवस में जिले के 90 प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया।

किसान दिवस दैनिक नवज्योति - 24 दिसम्बर, 2018
दैनिक नवज्योति – 24 दिसम्बर, 2018
किसान दिवस राजस्थान पत्रिका - 24 दिसम्बर, 2018
राजस्थान पत्रिका – 24 दिसम्बर, 2018

विश्व मृदा स्वास्थ्य दिवस

कृषि विज्ञान केंद्र में 21 दिसम्बर को विश्व मृदा स्वास्थ्य दिवस का आयोजन किया गया। इस मौके पर जनप्रतिनिधि नगरपरिषद अध्यक्ष श्री महेंद्र बोहरा तथा गुड़ा नारकान, अरटिया, बुधवाड़ा, धोलेरिया सासन, धोलेरिया जागीर, गाजनगढ़, बांता, नया गाँव, चोपड़ा, गरवालिया, झुपेलाव, कलाली इत्यादि के लगभग 100 किसानॉन ने भाग लिया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए पाली के नगरपरिषद अध्यक्ष श्री महेंद्र बोहरा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अन्तर्गत देश के हरेक किसान को उसकी जमीन का मृदा कार्ड वितरित किया जा रहा है जिसमें उसके खेत की मिट्टी के समस्त तत्वों का विश्लेषण होता है तथा मृदा सुधारने के लिये आवष्यक सिफारिशें का विवरण होता है। कार्ड में खेतों के लिए आवश्यक पोषण/उर्वरकों के बारे में फसलवार सिफारिशें की जाती हैं जिससे कि किसान उपयुक्त आदानों का उपयोग करते हुए मृदा उत्पादकता में सुधार कर सकें साथ ही उत्पादन लागत को भी कम कर सके।
कृषि विज्ञान केंद्र, पाली के अध्यक्ष डॉ. धीरज सिंह ने बताया कि किसान इस योजना के तहत अपने-अपने खेतों की मिट्टी की जांच कराकर फसल विशेष के हिसाब से खाद का उपयोग कर सकते हैं ताकि खेतों में ज्यादा खाद डालने की प्रवृत्ति पर रोक लग सके। किसान जब संतुलित मात्रा में खाद डालता है तो उसके खेतों की मिट्टी खराब नहीं होती है, फसलों की पैदावार में खूब इजाफा होता है, साथ ही किसानों की कमाई भी बढ़ती है। इससे न केवल किसान बल्कि आम जनता भी लाभान्वित होती है क्योंकि फसलों की ज्यादा पैदावार महंगाई को कम करने में भी सहायक होती है। यह योजना देश भर में फसलों की उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ किसानों की समृद्धि का भी मार्ग प्रशस्त कर रही है। किसानों द्वारा प्राथमिक पोषक तत्वों (एन पी के) के लिए सामान्य उर्वरक सिफारिशें का अनुसरण किया जाता है जबकि गौण एवं सूक्ष्म पोशाक तत्वों को प्रायः अनदेखा किया जाता है। इस कारण सल्फर, जिंक और बोरॉन जैसे पोषक तत्वों की कमी हो जाती है जिससे उत्पादन घटता जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए, भारत सरकार मृदा जांच आधारित संतुलित एवं उचित रसायनिक उर्वरकों के प्रयोग के साथ-साथ जैव उर्वरकों और स्थानीय रूप से उपलब्ध जैविक खादों को बढ़ावा दे रही है।
धन्यवाद ज्ञापन पारित करते हुए कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. महेंद्र चौधरी ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई मृदा सेहत कार्ड योजना को किसानों द्वारा पूर्णरूप से अपनाने से खेती आधारित अर्थव्यवस्था से किसानों एवं आम जनता के साथ-साथ पर्यावरण को भी फायदा पहुंचेगा। इस अवसर पर किसानों को केविके फार्म पर वेस्ट डिकम्पोजर बनाने का आसान तरीका तथा प्रयोग करने की विभिन्न विधियाँ विस्तार बताई गई। किसानों को इससे संबन्धित साहित्य भी वितरित किया गया। हाल के वर्षों में यूरिया का उपयोग काफी तेजी से बढ़ा है, जबकि पोटाश एवं मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए जरूरी सूक्ष्म पोषण तत्वों की ओर किसान कोई खास ध्यान नहीं देते हैं। मृदा सेहत कार्डों के बन जाने के बाद किसानों को इस बारे में जानकारी मुहैया कराना आसान हो जाएगा।

World Soil Health Day Rajasthan Patrika - 5th December, 2018
विश्व मृदा स्वास्थ्य दिवस – 5 दिसम्बर, 2018

केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी), जोधपुर में राज्य स्तरीय किसान मेले का आयोजन

 

भा.कृ.अनु.प. – केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी), जोधपुर के मेला परिसर में 13 से 15 सितम्बर, 2018 को राज्य स्तरीय किसान मेले का आयोजन किया जा रहा है जिसमें सभी किसान भाई आमंत्रित हैं।

Organization of farmer fair during 13 – 15 September, 2018 at Mela Parisar of ICAR-Central Arid Zone Research Institute (CAZRI), Jodhpur.

प्रमुख आकर्षण

राजस्थान राज्य स्तरीय किसान मेला काजरी, जोधपुर, 13-15 सितंबर, 2018 Rajasthan State Level Kisan Mela, CAZRI, Jodhpur, 13-15 September, 2018
राजस्थान राज्य स्तरीय किसान मेला, 13-15 सितंबर, 2018
  • कृषक वैज्ञानिक संवाद
  • कृषि विज्ञान प्रदर्शनी (भा.कृ.अनु.प. के संस्थानों के सहयोग से)
  • प्रायोगिक क्षेत्र भ्रमण
  • उत्कृष्ट उत्पाद प्रतियोगिता
  • काजरी किसान मित्रों का सम्मान

विशेष

  1. किसान भाई प्रतियोगिता हेतु 13 सितंबर, 2018 को अपने खेत की फसलों की सर्वोत्तम पौधे लेकर आयें जिसके परिणाम प्रथम दिन घोषित किए जायेंगे।
  2. सभी आगंतुक किसान भाइयों के लिए दोपहर के भोजन के व्यवस्था सभी दिन रहेगी।

अधिक जानकारी हेतु 0291-2786632, 0291-2786812, 0291-2786584 पर संपर्क करें।

स्रोत: काजरी, जोधपुर

माननीय प्रधानमंत्री जी की किसानों के साथ विडियो कांफेरेंस एवं वेबकास्ट 20 जून, 2018

आज दिनांक 20 जून, 2018 को काजरी कृषि विज्ञान केंद्र, पाली पर माननीय प्रधानमंत्री जी के किसानों से वार्तालाप का सीधा प्रसारण (वेबकास्ट) किया गया जिसमें पाली जिले के 60 किसानों ने भाग लिया व वेबकास्ट को देखा।

इसके साथ ही काजरी, जोधपुर में पाली के चारप्रगतिशील किसानों श्री गोरधन सिंह (गाँव चेलावास), श्री गोविंद राम (गाँव सारी की ढ़ानी),  श्री देदा राम पटेल (गाँव गाजनगढ़) और श्री माला राम (गाँव रामपुरा) ने विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भाग लिया। मारवाड़ जंक्शन के गाँव चेलवास के प्रगतिशील किसान श्री गोरधन सिंह को माननीय प्रधानमंत्री जी से विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सीधी बात करने का मौका मिला जिसमें श्री गोरधन सिंह ने माननीय प्रधानमंत्री जी को अपने क्षेत्र में कृषि में होने वाली कठिनाइयों और इन कठिनाइयों के बावजूद किसानों के सफल होने के जज़्बे के बारे में बताया।

  • IMG_9708
    IMG_9711
    IMG_9712
    IMG_9716

View more photos →

किसान कल्याण कार्यशाला का काजरी- कृषि विज्ञान केंद्र, पाली पर २ मई २०१८ को आयोजन

 

दिनांक 2 मई 2018 को केन्द्रीय राज्य मंत्री विधि, न्याय व काॅर्पोरेट मंत्रालय श्रीमान पी.पी. चौधरी ने कृषि विज्ञान केन्द्र, पाली में किसान कल्याण कार्यशाला का विधिवत उद्वघाटन किया। इस अवसर पर कार्यशाला के मुख्य अथिति के रूप में बोलते हुए श्री पी.पी. चौधरी ने कहा कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दुगना करने का लक्ष्य प्रधानमंत्री जी ने रखा है। आय दुगना करने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए किसान कल्याण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है जिसमें किसान अपने कृषि ज्ञान को कृषि विज्ञान केन्द्र पर अपनायी जा रही उन्नत तकनीकों जैसे कि पानी के उचित उपयोग हेतु बूंद-बूंद सिंचाई प्रणाली, फव्वारा प्रणाली, कम पानी में उत्पादन देने वाले बेर, आंवला, नीबू के बगीचे, जैविक खेती, हाईटेक बागवानी, उन्नत नस्ल के पशुपालन, मृदा स्वास्थ्य को बनाये रखते हुये अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए उन्नत तकनीक अपनायें। जैसे किसान गुजरात में कम पानी में अधिक खेती पर लाभ प्राप्त कर रहें हैं केन्द्रीय मंत्री श्री चौधरी ने कहा प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी नदियों को जोड़ने की योजना काम में लायी जा रही है। हम आने वाले समय में जवाई वांध व हेमावास का पुनभरण के लिए नदी से जोड़ने की योजना चल रही है जिससे पाली जिले के हर खेत को पानी मिले। किसानों को उत्पाद का विपणन मुल्य अच्छा मिले ऐसी सरकार की योजना है। Continue reading किसान कल्याण कार्यशाला का काजरी- कृषि विज्ञान केंद्र, पाली पर २ मई २०१८ को आयोजन