माननीय प्रधानमंत्री जी की किसानों के साथ विडियो कांफेरेंस एवं वेबकास्ट 20 जून, 2018

आज दिनांक 20 जून, 2018 को काजरी कृषि विज्ञान केंद्र, पाली पर माननीय प्रधानमंत्री जी के किसानों से वार्तालाप का सीधा प्रसारण (वेबकास्ट) किया गया जिसमें पाली जिले के 60 किसानों ने भाग लिया व वेबकास्ट को देखा।

इसके साथ ही काजरी, जोधपुर में पाली के चारप्रगतिशील किसानों श्री गोरधन सिंह (गाँव चेलावास), श्री गोविंद राम (गाँव सारी की ढ़ानी),  श्री देदा राम पटेल (गाँव गाजनगढ़) और श्री माला राम (गाँव रामपुरा) ने विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भाग लिया। मारवाड़ जंक्शन के गाँव चेलवास के प्रगतिशील किसान श्री गोरधन सिंह को माननीय प्रधानमंत्री जी से विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सीधी बात करने का मौका मिला जिसमें श्री गोरधन सिंह ने माननीय प्रधानमंत्री जी को अपने क्षेत्र में कृषि में होने वाली कठिनाइयों और इन कठिनाइयों के बावजूद किसानों के सफल होने के जज़्बे के बारे में बताया।

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किसान कल्याण कार्यशाला का काजरी- कृषि विज्ञान केंद्र, पाली पर २ मई २०१८ को आयोजन

 

दिनांक 2 मई 2018 को केन्द्रीय राज्य मंत्री विधि, न्याय व काॅर्पोरेट मंत्रालय श्रीमान पी.पी. चौधरी ने कृषि विज्ञान केन्द्र, पाली में किसान कल्याण कार्यशाला का विधिवत उद्वघाटन किया। इस अवसर पर कार्यशाला के मुख्य अथिति के रूप में बोलते हुए श्री पी.पी. चौधरी ने कहा कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दुगना करने का लक्ष्य प्रधानमंत्री जी ने रखा है। आय दुगना करने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए किसान कल्याण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है जिसमें किसान अपने कृषि ज्ञान को कृषि विज्ञान केन्द्र पर अपनायी जा रही उन्नत तकनीकों जैसे कि पानी के उचित उपयोग हेतु बूंद-बूंद सिंचाई प्रणाली, फव्वारा प्रणाली, कम पानी में उत्पादन देने वाले बेर, आंवला, नीबू के बगीचे, जैविक खेती, हाईटेक बागवानी, उन्नत नस्ल के पशुपालन, मृदा स्वास्थ्य को बनाये रखते हुये अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए उन्नत तकनीक अपनायें। जैसे किसान गुजरात में कम पानी में अधिक खेती पर लाभ प्राप्त कर रहें हैं केन्द्रीय मंत्री श्री चौधरी ने कहा प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी नदियों को जोड़ने की योजना काम में लायी जा रही है। हम आने वाले समय में जवाई वांध व हेमावास का पुनभरण के लिए नदी से जोड़ने की योजना चल रही है जिससे पाली जिले के हर खेत को पानी मिले। किसानों को उत्पाद का विपणन मुल्य अच्छा मिले ऐसी सरकार की योजना है।

डाॅ. धीरज सिंह अध्यक्ष काजरी-कृषि विज्ञान केन्द्र, पाली ने जागरुक कृषकों को विकसित देशों में अपनायी जा रही उन्नत कृषि तकनीक का हवाला दिया कि इन देशों में बुवाई से कटाई तथा कटाई के उपरान्त सभी कार्य बडी-बडी मशीनों से किये जाते हैं। इसका कारण एक तो भूमि का जोत बड़ा होना व दूसरा कारण जनसंख्या कम होना है जबकि इसके विपरीत अपने देश में जनसंख्या बहुत है व कार्य करने वालों की कमी नही है। फसल बुवाई से पहले आकर हमें मृदा जांच के लिए प्रेरित करते हैं ताकि मृदा जांच के आधार पर खाद एवं उर्वरक प्रयोग कर लागत को कम किया जा सकता है।

श्री माधो सिंह, सहायक निदेशक (उद्यान) ने कहा कि केन्द्र पर पानी का उचित प्रयोग हेतु सिंचाई की प्रणालियां तथा बूंद-बूंद सिंचाई, फव्वारा सिंचाई का प्रयोग कर विभिन्न फसलों की उत्पादकता लेना चाहते हैं ताकि कम पानी में भी अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। इस अवसर पर सहायक निदेशक कृषि विस्तार डाॅ. मनोज अग्रवाल ने कहा की कृषकों को खेती की नवीनतम जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराई जा रही है तथा श्री अग्रवाल ने किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारीयों से भी अवगत कराया। इस अवसर पर श्री मान मुख्य अतिथि द्वारा प्रगतिशील कृषकों को उन्नत तकनीकियों को अपनाने के लिये प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया तथा इसके साथ ही कृषकों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किये। इस कार्यक्रम में पाली जिले के विभिन्न गांव जैसे-जबड़ीया, डींगई, जैतपुरा, रूपावास, हेमावास, बलदो की ढाणी, गुंदोज, गिरादरा, खेतावास, सापा, निम्बली, गोदावास, देसुरी, मांडावास, धोलेरिया, मंडिया, अरटिया, भाकरीवाला, खैरवा, कुरना, पुनायता, खारड़ा, गांजनगढ़, रामपुरा, व सोनाईमांझी के 145 प्रगतिशील कृषकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में डाॅ. महेन्द्र चैधरी ने कृषकों को जैविक खेती के बारे में जानकारी दी और सभी को धन्यवाद दिया।

कृषि विज्ञान केंद्र पर 26 मार्च, 2018 को किसान मेले का आयोजन किया गया

काजरी कृषि विज्ञान केंद्र, पाली पर  दिनांक 26 मार्च 2018 को जिला स्तरीय किसान मेले का आत्मा, कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए पाली विधायक श्री ज्ञानचंद पारेख ने कहा कि किसानों के लिये लाभकारी योजना प्रधानमंत्री बीमा योजना, उजाला योजना, मृदा स्वास्थ्य योजना और बाढ़ राहत योजना के बारे में विस्तार से बताया कि ग्रामीणों को सरकार की सभी योजनाओं का भरपूर फायदा उठाना चाहिये। उन्होनें कहा जहाँ भी लगता है कि हमें योजनाओं का लाभ/जानकारी नहीं मिल रही है वे जनहित प्रतिनिधियों से मिले ताकि उनकी समस्याओं का समय पर निराकरण कर लाभान्वित किया जा सके। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि श्री महेन्द्र बोहरा, अध्यक्ष, नगर परिषद, पाली ने जिले में गायों के चारे के लिये काजरी के साथ मिलकर एक योजना बनने पर जोर दिया ताकि बेसहारा/विकलांग गायों के चारे की समस्या का समाधान धामन या बहुवर्षीय चारा नेपियर घास के समन्वय से स्थायी समाधान किया जा सके।इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि डॉ. ओ.पी. यादव, निदेशक, काजरी, जोधपुर ने किसानों से आग्रह किया कि वे मेला स्थल पर केविके फार्म पर अपनाई जा रही विशिष्ट तकनीकी, बूंद बूंद पर फसल, सब्जी, फल, बहुवर्षीय नेपिएर घास तथा अतिरिक्त आमदनी के लिये खेत की सीमा पर कुमट के पौधे 4-4 मीटर के दूरी पर लगाएं जिससे किसान को फसल के साथ बिना अतिरिक्त Continue reading कृषि विज्ञान केंद्र पर 26 मार्च, 2018 को किसान मेले का आयोजन किया गया

माननीय प्रधान मंत्री जी का किसान, कृषि वैज्ञानिक और अन्य हितधारक को कृषि उन्नति मेला 2018 पर17 मार्च 2018 सम्बोधन का सीधा प्रसारण

 

 

माननीय प्रधान मंत्री का किसान, कृषि वैज्ञानिक और अन्य हितधारक को कृषि उन्नति मेला 2018 पर17 मार्च 2018 11:30 पूर्वाह्न पर सम्बोधन का सीधा प्रसारण

Link: http://webcast.gov.in/agriculture

के.वि.के. पर कृषि आदान विक्रेताओं के लिये कृषि विस्तार सेवा डिप्लोमा पाठ्यक्रम का शुभारंभ

DAESI-KVK-PALI
DAESI programme at KVK, Pali

कृषि विज्ञान केन्द्र ने राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबन्ध संस्थान (मैनेज), हैदराबाद के सहयोग से कृषि आदान विक्रेताओं के लिये 17 नवंम्बर को कृषि विस्तार सेवा डिप्लोमा पाठ्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर डॉ. ओ. पी. यादव, निदेशक (काजरी), श्री जीतेन्द्र सिंह शक्तावत, उपनिदेशक (कृषि), श्री माधो सिंह चम्पावत, सहायक निदेशक (उद्यान), डॉ. ए. के. शुक्ल, अध्यक्ष (आर.आर.एस., काजरी, पाली) एवं डॉ. डी. एस. भाटी, कार्यक्रम समन्वयक तथा डॉ. धीरज सिंह, अध्यक्ष, कृषि विज्ञान केन्द्र, पाली उपस्थित रहे। इसमें पाली जिले के समस्त पंचायत समितियों के 40 कृषि आदान विक्रेताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। Continue reading के.वि.के. पर कृषि आदान विक्रेताओं के लिये कृषि विस्तार सेवा डिप्लोमा पाठ्यक्रम का शुभारंभ

संकल्प से सिद्धि – न्यू इंडिया मूवमेंट (2017-2022) कार्यक्रम संपन्न

कृषि विज्ञान केंद्र ने 30 अगस्त को संकल्प से सिद्धि कार्यक्रम का आयोजन किया। इस मौके पर पाली विधायक श्री ज्ञानचंद पारख, डॉ. ओ.पी. यादव, निदेशक (काजरी), डॉ. एस.के. सिंह, निदेशक (अटारी, जोधपुर), डॉ. सूर्या राठौर, नार्म (हैदराबाद), डॉ. ए.के. शुक्ल, अध्यक्ष (आर.आर.एस., काजरी, पाली) एवं कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। इसमें पाली जिले के 80 गाँवों के 403 जागरूक किसानों ने भाग लिया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए पाली के माननीय विधायक श्री ज्ञानचंद पारख ने कहा कि 2022 तक किसानों की आय दुगनी करने हेतु हमें 7 सूत्रों को एक साथ करना होगा। ये सूत्र हैं उत्पादन में वृद्धि, इनपुट का प्रभावी उपयोग, उपज के बाद नुकसान कम करना, गुणवत्ता में वृद्धि, प्रभावी विपणन, Continue reading संकल्प से सिद्धि – न्यू इंडिया मूवमेंट (2017-2022) कार्यक्रम संपन्न

अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व

डॉ. धीरज सिंह, अध्यक्ष, कृषि विज्ञान केंद्र, पाली ने अफ्रीका में खाद्य सुरक्षा, एकीकृत परिदृश्य बहाली और जलवायु लचीलापन व गरीबी उन्मूलन के लिए वर्षा जल के उपयोग को बढ़ावा देना पर नैरोबी, केन्या में 1 से 2 फरवरी, 2017 को आयोजित उप-सहारा अफ्रीका में वर्षा का पानी स्मार्ट प्रबंधन पर संगोष्ठी में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इस सम्मलेन में 25 देशों के 100 वैज्ञानिकों, जागरूक कृषक व उद्योगपतियों ने भाग लिया।

इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मलेन में भाग लेने वाले भारत के एकमात्र वैज्ञानिक थे तथा इस सम्मलेन के दौरान डॉ. सिंह ने “खाद्य और आजीविका सुरक्षा के लिए वर्षा जल संचयनः पाली, भारत से एक मामले का अध्ययन“ विषय पर व्याख्यान देते हुआ बताया कि कैसे छोटे और सीमांत किसानों को फसल उत्पादन के लिए अपने खेत में वर्षा जल को संरक्षित करने का उचित प्रबन्ध कर किसान अपनी जीविका के लिये फल और सब्जी का अतिरिक्त उत्पादन कर सकते हैं। डॉ. सिंह ने बताया कि Continue reading अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व

मृदा स्वास्थ्य दिवस (5 दिसम्बर, 2016)

कृषि विज्ञान केंद्र, पाली में 5 दिसम्बर को अंतरराष्ट्रीय मृदा स्वास्थ्य दिवस का आयोजन किया। इस मौके पर कृषि विभाग के समस्त अधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र के समस्त अधिकारी, काजरी के क्षेत्रीय केन्द्र के वैज्ञानिक, जनप्रतिनिधि तथा रामपुरा, निम्ब्ली उड़ा, हेमावास, खुटानी, दुधिया, रोहट, मुरडिया, चेंडा इत्यादि के किसानों ने भाग लिया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अन्तर्गत देश के हरेक किसान को उसकी जमीन का मृदा कार्ड वितरित किया जायेगा जिसमें उसके खेत की मिट्टी के समस्त तत्वों का विश्लेषण होगा तथा मृदा सुधारने के लिये आवश्यक सिफारिशें तथा उपयुक्त फसलों की उन्नत किस्मों का विवरण होगा। उन्होनें कहा कि सरकार ने ऐसी योजना की शुरुआत की है जिसके तहत सभी किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड मिशन के रूप में मुहैया कराया जाएगा। कार्ड में खेतों के लिए आवश्यक पोषण/उर्वरकों के बारे में फसलवार सिफारिशें की जाएंगी जिससे कि Continue reading मृदा स्वास्थ्य दिवस (5 दिसम्बर, 2016)